प्रेम में ऐसा ही कुछ हो जाया करता है,

कोई आता है एवं दिल में उतर जाता है,


पता नहीं चलने देता वो छम्मक छलिया,


लूट कर अंतर्मन को, वो गायब हो जाता है.


Dr. K.S. Bhardwaj




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